खट्टा ओर मीठा
मन की बाते
Wednesday, May 8, 2013
बेरुखी
कैसी बेरुखी है ये तेरी |
कैसी इजहारे मुहब्बत ||
ना तो मिलने से सुकून |
न दूर जाने से करार ||
Friday, March 22, 2013
बड़ी उदास हो गयी है महफ़िल
बड़ी उदास हो गयी है महफ़िल |
कोई नहीं आता अब इस तरफ ||
ख़ामोशी गवारा नहीं है मुझे |
कोई तो शोर हो अब इस तरफ ||
Friday, March 1, 2013
मजबूर कुछ इस तरह से हुए
मजबूर कुछ इस तरह से हुए की बता भी ना सके हम |
कितना चाहा था तुझे जरा सा भी जता ना सके हम ||
तेरी चाहत ओर तेरी आरजू रही हमेशा इस दिल में |
पहरा दुनिया ने लगा दिया तो पास आ ना सके हम ||
Wednesday, February 27, 2013
बरसो बाद तुमको देखा
बरसो बाद तुमको देखा तो एहसास हुआ |
कुछ रिश्ते टूटने के बाद ओर मजबूत हो जाते है ||
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