Tuesday, June 11, 2013

अपना दिल भी बच्चा लगता है |

लू के थपेड़ो के बीच ठंडी हवा का झोका
अच्छा लगता है |
कभी -२ किसी की हँसी की खातिर झूट भी
सच्चा लगता है |
यु तो समय की आंधियो में झुर्रियो के साथ
पक चुके है बाल भी |
फिर भी कही किसी कोने में अपना दिल भी
बच्चा लगता है |

Wednesday, May 8, 2013

बेरुखी

कैसी बेरुखी है ये तेरी |
कैसी इजहारे मुहब्बत ||

ना तो मिलने से सुकून |
न दूर जाने से करार ||

Friday, March 22, 2013

बड़ी उदास हो गयी है महफ़िल

बड़ी उदास हो गयी है महफ़िल |
कोई नहीं आता अब इस तरफ ||

ख़ामोशी गवारा नहीं है मुझे |
कोई तो शोर हो अब इस तरफ ||

Friday, March 1, 2013

मजबूर कुछ इस तरह से हुए

मजबूर कुछ इस तरह से हुए की बता भी ना सके हम |
कितना चाहा था तुझे जरा सा भी जता ना सके हम ||

तेरी चाहत ओर तेरी आरजू रही हमेशा इस दिल में |
पहरा दुनिया ने लगा दिया तो पास आ ना सके हम ||